Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं, और इस बार कई जाने-माने चेहरे राजनीति के मैदान में उतर रहे हैं। इसी कड़ी में, देश के वरिष्ठ पत्रकार रवि त्रिपाठी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सबको चौंका दिया है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा।
अमित शाह से मुलाकात और मार्गदर्शन
पार्टी में शामिल होने से पहले, रवि त्रिपाठी ने सीतामढ़ी में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अमित शाह से आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया। पत्रकारिता के बाद अब राजनीति की इस नई पारी में, त्रिपाठी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।Bihar Elections
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पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर
रवि त्रिपाठी का नाम देश के उन चुनिंदा पत्रकारों में शुमार है, जिन्होंने पिछले 24 सालों में देश की बड़ी राजनीतिक घटनाओं को करीब से कवर किया है। पत्रकारिता से पहले भी राजनीति से उनका गहरा नाता रहा है। वे बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और पूर्णकालिक स्वयंसेवक के तौर पर भी काम किया है।Bihar Elections
छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुई। 1996 में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष बने और 1998 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के उपाध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा।
दिल्ली में पूर्वांचल के छात्रों की आवाज बनकर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। अब देखना यह है कि पत्रकारिता का लंबा अनुभव रखने वाले रवि त्रिपाठी बिहार की राजनीति में किस तरह से अपनी जगह बनाते हैं और भाजपा को चुनाव में कितना फायदा पहुंचा पाते हैं।Bihar Elections
भाजपा की नई रणनीति का संकेत
रवि त्रिपाठी का भाजपा में शामिल होना यह भी संकेत देता है कि पार्टी आगामी बिहार चुनाव में जीत के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भाजपा न केवल अनुभवी राजनेताओं पर भरोसा कर रही है, बल्कि ऐसे नए चेहरों को भी मंच दे रही है जिनका अपना एक मजबूत जनाधार और सार्वजनिक पहचान है।
प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारों और कलाकारों को राजनीति में लाकर भाजपा एक बहुआयामी टीम बनाना चाहती है, जो हर वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित कर सके। यह कदम दिखाता है कि पार्टी बिहार में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।Bihar Elections








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