Rupee vs Dollar : डॉलर की बादशाहत हिली, रुपया बना रिंग का असली पहलवान दो दिन में दिखाई दमदार ताकत

Rupee vs Dollar: पिछले दो कारोबारी दिनों में रुपए ने ऐसी वापसी की करेंसी मार्केट में हलचल मच गई है! भले ही रुपया अभी भी 87 के ऊपर ट्रेंड कर रहा हो लेकिन मंगलवार और बुधवार को उसने डॉलर को जबरदस्त पटकनी दी! मंगलवार को रुपया 12 पैसे मजबूत हुआ था और बुधवार को उसने अपने जोश में 20 पैसे की सीधी छलांग लगा दी!अब डॉलर के मुकाबले रुपया 87.42 पर बंद हुआ! करीब 2 दिन से करेंसी मार्केट में एक ही चर्चा है!

रुपए की जबरदस्त मार्केट में पकड़ की बीते दिनों रुपया ने ऐसा प्रदर्शन किया कि डॉलर की बादशाहत को सीधा झटका लग गया! भले ही रुपया अभी भी 87 के ऊपर ट्रेंड कर रहा है! लेकिन इन दो दिनों में जो धार दिखाई दी, उसने निवेशको और मार्केट एनालिस्ट दोनों का ध्यान खींच लिया है!

रुपए की मजबूती का सबसे बड़ा कारण डॉलर की कमजोरी ,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और महंगाई में कमी को बताया जा रहा है! विदेशी निवेशको ने भी भारत के शेयर बाजार से पैसा निकालना अभी बंद नहीं किया है! इसकी वजह से रुपए में तेजी थोड़ी मंदी देखने को मिल रही है!

Trump Aggressive Tariff Policy: ट्रंप का दांव पड़ा उल्टा, ब्रिक्स देश एकजुट होकर देंगे टैरिफ वॉर को चुनौती!

Rupee vs Dollar

डॉलर की गिरावट ने घरेलू शेयर बाजारों में निवेश को में काफी उत्साह का माहौल बनाया! बीते बुधवार को 20 पैसे मजबूत होकर रुपया 87.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ! इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया बुधवार को 87.63 पर खुला। दिनभर के कारोबार में यह 87.72 के निचले स्तर और 87.28 के ऊपरी स्तर के बीच उतार-चढ़ाव करता रहा और अंत में 87.43 पर मजबूती के साथ बंद हुआ। Rupee vs Dollar

हालांकि रुपए की तेजी फिलहाल सीमित रही है क्योंकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) अभी भी भारतीय शेयर बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं। यदि यह बिकवाली रुकती है, तो रुपये की मजबूती और तेज हो सकती है। अगर US Dollar weakness impact जारी रहा और crude oil price drop effect on Rupee का फायदा मिलता रहा, तो रुपया जल्द ही 87 प्रति डॉलर का स्तर तोड़ सकता है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की चाल और वैश्विक आर्थिक हालात पर नज़र रखना जरूरी होगा।Rupee vs Dollar

क्या रुपए को मिलेगी और तेजी

करेंसी रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा की घरेलू बाजारों में मजबूती से रुपए में तेजी आई है! उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में यह और बेहतर होगा! अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की कमजोरी का असर कई करेंसीज़ पर पड़ा है, लेकिन भारत के लिए यह मौका और भी खास रहा क्योंकि घरेलू आर्थिक संकेतक (economic indicators) इस समय पॉजिटिव दिशा में हैं। महंगाई पर काबू और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपए को सहारा दिया। अगर डॉलर यूं ही कमजोर रहा और तेल-गैस के दाम कंट्रोल में रहे, तो रुपया आने वाले दिनों में 87 का बैरियर तोड़कर और दम दिखा सकता है।Rupee vs Dollar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related posts